Wednesday, 12 October 2011

आदरणीय प्रधानमंत्री जी

मेरी तरफ से बहुत बहुत बधाई स्वीकार करे .

चूँकि आपने हम सब भारतीयों का सपना पूरा किया है,
हम सब भारतीय अमीर बनने के सपने देखा करते थे ओर अपने एक ही झटके मे हम सबका अमीर बनने 
का सपना पूरा कर दिया . 

इसके लिए आप और सोनिया गाँधी बहुत ही बधाई के पात्र है ..

आपने [ क्योंकि योजना आयोग का मुखिया प्रधानमंत्री होता है ] सुप्रीम कोर्ट मे जो हलफनामा दिया की ३२ 
रूपये रोज कमाने वाला व्यक्ति अमीर है इससे हम सब भारतीयओ का सर गर्व से ऊँचा हो गया है . आखिर हम सब भारतीय अमीरों की परिभाषा मे जो आ गए .
प्रधानमंत्री जी शायद आपको फ़्रांसिसी क्रांति की कुछ जानकारी जरुर होगी .. एक बार जब फ्रांस का राजा अपनी रानी के साथ अपनी आलीशान बघ्घी मे जा रहा था तो उसके पीछे फ्रांस की भूखी और गरीब जनता रोटी रोटी रोटी चिल्ला रही थी फिर रानी ने बघ्घी रोककर जनता से कहा कि यदि तुम्हारे पास खाने को रोटी नहीं है तो तुम लोग केक क्यों नहीं खाते ?

आज आपकी पार्टी ने इस देश मे भी ठीक यही हालत पैदा कर दिए है ... एक तरफ आपकी सरकार के स्वाथ्य मंत्री संसद मे बयान देते है कि हमने इस देश को मेडिकल टूरिज्म हब बना दिया है लेकिन आश्चर्य कि बात है कि आपकी पार्टी की अध्यक्ष सोनिया जी को भी आपकी सरकार पर विश्वास नहीं है इसलिए ही तो वे अपना खुद का इलाज भारत के बजाय अमेरिका मे करवाने गयी ..

आपको मैंने ३२ रूपये का एक चेक भेजा है और मै आपसे गुजारिश करता हूँ कि आप एक दिन जरा ईमानदारी से ३२ रूपये पर गुजारा करके तो देखिये .

अपराधी सरकार और अपराधी,और भ्रष्ट उसके मंत्री

अपराधी सरकार और अपराधी और भ्रष्ट उसके  मंत्री  कभी भंवरी देवी कांड तो कभी विधायक आंजना जमींन मामला तो कभी राम लाल जाट का पोस्टमार्टम रिपोर्ट को बदलने के लिए आदेश देना तो कभी खुद  ग्रह मंत्री का पुलिस को कहना की जूते की भाषा ही सब लोग समजते हे...उन्हें उनकी भाषा में ही समजाया करो .......फिर भी आप और हम उन्ही लोगो को अपना मत दे कर जीताते हे ...और वही लोग हमारी नही सुनते हे...फिर भी आप हम अगली बार उन्ही के गलो में मालाये पहना कर सलाम करते हे ...और किसलिए ? सिर्फ इसलिए के में कांग्रेसी,में बीजेपी से में बसपा से, ये सब कभी काम नही आये हे ! जनता के और ना ही आगे आयेंगे सही आदमी का चयन आप के साथ देश का भी विकास करेगा तो अगली बार पार्टी को नही ..... सही इन्सान को अपना वोट देकर अपने  और देश के विकास में योगदान दीजियेगा ...............  

इकबाल मिर्ची गिरफ्तार.........

लंदन त्न मुंबई बम धमाके सहित कई मामलों में वांछित इकबाल मिर्ची को मंगलवार शाम लंदन में गिरफ्तार कर लिया गया। अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद का साथी इकबाल मिर्ची उसका नशे का कारोबार संभालता है। मिर्ची पर भारत में हत्या, वसूली और तस्करी के कई मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ 1994 से रेड कॉर्नर नोटिस जारी है। संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय तस्करों की सूची में भी इकबाल का नाम है। पर भारत सरकार रो धोकर भी उसे भारत नही ला सकती और कारन आप सब को भी पता होगा ही............

Wednesday, 26 January 2011

गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाये   

Monday, 3 January 2011

भ्रस्र्ट सरकारी अधिकारियो के लिए गाल पर एक करार तमाचा

नागोर कलेक्टर सुमित शर्मा के ट्रांसफर  के विरोध में जनता का सडको पे आन्दोलन के लिए उतरना अन्य भ्रस्र्ट सरकारी   अधिकारियो के लिए गाल पर एक करार तमाचा हे जो अपना काम  पूरी इमानदारी  से न कर राजनेताओ के तलवे चाटते  हे, एक और जनता कही सरकारी अधिकारियो के ट्रांसफर करने या पद से हटाने के लिए  आन्दोलन करती हे, वहीं सुमित शर्मा के ट्रांसफर  के विरोध में जनता का सडको पे आन्दोलन करना उस कलेक्टर की काबिलियत दिखता हे जिसने अपना काम पूरी इमानदारी  के साथ किया,और जिसे सिर्फ इसलिए हटाया जा रहा हे की उसने बड़े राजनेताओ के अधीन होकर काम न कर जनता के प्रति अपनी  ड़ुईटी इमानदारी निभाई,भीलवाडा सिटी से====OM KUMAR -9468609984

Thursday, 28 October 2010

मोड़ दिया फ्लाईओवर का रुख फायदे के लिए

                                                   मोड़ दिया फ्लाईओवर  का रुख फायदे के लिए 
जयपुर के खासाकोठी फ्लाईओवर  को कुछ 5 स्टार होटलों के सामने आने के कारण  J.D.A के कुछ अधिकारियो और एक तत्कालीन मंत्री ने उसका रुख ही दूसरी और मोड़ दिया,इस से ट्रेफिक की समस्या दूर तो नही हुयी, उलटे एसिडेंट की प्रोब्लम हो गयी,कुछ लोगो को फायदा पहुचाने के चक्कर में सब नियम कायदे ताक में रख के इस फ्लाईओवर का निर्माण कर के सेकड़ो लोगो के करोडो रुपयों को पानी फेर दिया ,इनके खिलाफ सरकार द्वारा कोई कार्यवाही न करना सरकार की मिलीभगत दर्शाता हे,,

Monday, 25 October 2010

SARKAAR KI DHAMK

कांग्रेस सरकार एक ही मामले के पीछे नहा धो के पड़ी हुए हे ! R.S.S. के एक  कार्यकर्त्ता का नाम अजमेर दरगाह बम विस्फोट में लिप्त होने को लेकर इतना बवाल मचा रखा हे !, देश में कई सो मामले पड़े हे, मंदिरों और जगहों पे धम्माको के,पर उन पे सरकार की नजरे इनायत न जाने कब होगी ? क्या पता  ?एक ही मामले को  सुर्खियों में लेकर  कांग्रेस अपना एक विशेष वर्ग का वोट बेंक खड़ा करना चाहती हे , पर इस चक्कर में अन्य मामलो को हाशियो पे  रखने की लापरवाही सरकार को महंगी पड सकती हे , क्यों की आम आदमी सब देख रहा हे और जब भी आम आदमी का सब्र का बाँध टुटा हे, बड़े बड़े राजाओ के राज चले गये तो ये लोकतान्त्रिक सरकार कितने  वक़्त सांस ले पायेगी क्या पता ?