Wednesday, 15 September 2010

अब बारी सेना की

                                                               अब बारी सेना की 
कश्मीर में चल रही हिंसा को, संकट का नाम देकर सरकार इसे और ज्यादा तूल देकर इस मामले को और ज्यादा बिगाड़ रही हे,   सेना के हाथ बांधने से सेना का मनोबल ग़िर जायगा,ए.सी. कमरों में बेठे राजनेताओ ने देश के लिए आज तक किया तो कुछ नही और सेना के अधिकारों में कटोती कर के देश की रही सही सुरक्षा को भी मटिया मेट करने पर तुले हुए हे,आतंकियों और उनको को समर्थन देने वालो से निपटने की जिम्मेदारी सेना के पास ही रहने दे और उसके अधिकारों में दखल  नही दे तो ही देश हित में होगा,और सेना को अपना कम करने दे,नही तो देश की जनता को मुंबई जेसे और हमलो को सहने की और तेयारी कर लेनी चाहिए,                           Tex tail city se me, OM KUMAR 

No comments:

Post a Comment